नवरात्रि व्रत कैसे रखें: घटस्थापना, क्या खाएँ, क्या न करें और पारण

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संक्षेप में: नवरात्रि में नौ दिन माँ दुर्गा के नौ रूपों की पूजा होती है; मुख्य नवरात्रि चैत्र और शारदीय (आश्विन) में आती हैं। पहले दिन शुभ मुहूर्त में कलश (घट) स्थापना की जाती है। भक्त नौ दिन या पहले और आख़िरी दिन व्रत रखते हैं, जिसमें अनाज, साधारण नमक, प्याज़-लहसुन नहीं लेते और फलाहार करते हैं। अष्टमी या नवमी को कन्या पूजन करके व्रत खोला जाता है।

एक नज़र में

कब
चैत्र और आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी
देवी
नवदुर्गा: शैलपुत्री से सिद्धिदात्री तक
पहला दिन
घटस्थापना (कलश स्थापना)
अंत
अष्टमी या नवमी को कन्या पूजन

नवरात्रि व्रत और पूजा की विधि

  1. पहले दिन घर और पूजा-स्थान साफ़ करें, स्नान करके व्रत का संकल्प लें।
  2. शुभ मुहूर्त में मिट्टी में जौ बोकर उस पर जल भरा कलश रखें, कलश पर आम के पत्ते और नारियल रखें।
  3. माँ दुर्गा की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें; चाहें तो अखंड ज्योति जलाएँ।
  4. रोज़ सुबह-शाम माँ की पूजा, आरती और दुर्गा चालीसा या दुर्गा सप्तशती का पाठ करें; हर दिन उस दिन की देवी का स्मरण करें।
  5. अष्टमी या नवमी को कन्या पूजन करें: छोटी कन्याओं के पैर धोकर, तिलक लगाकर, हलवा-पूरी-चना खिलाएँ और उपहार दें।
  6. कन्या पूजन के बाद या दशमी को परिवार की परंपरा अनुसार व्रत खोलें।

व्रत में क्या खा सकते हैं (प्रचलित)

  • कुट्टू, सिंघाड़ा, राजगिरा का आटा; सामक (समा) के चावल
  • साबूदाना, आलू, शकरकंद, लौकी, कद्दू
  • फल, दूध, दही, पनीर, मखाना, मेवे
  • सेंधा नमक, काली मिर्च, जीरा, घी

क्या करें

  • अपनी सेहत के अनुसार व्रत रखें: पूरे नौ दिन, या पहले और आख़िरी दिन।
  • घर में सात्विक माहौल रखें; रोज़ दीपक जलाएँ।
  • अखंड ज्योति जलाएँ तो घी या तेल ख़त्म न हो, इसका ध्यान रखें और आग से सुरक्षा रखें।
  • कन्या पूजन में कन्याओं का आदर करें, उनसे कोई काम न करवाएँ।

क्या न करें

  • गेहूँ, चावल, दालें और साधारण (आयोडीन) नमक न लें।
  • प्याज़, लहसुन, मांस, अंडा, शराब और नशा न करें।
  • कई परिवार नौ दिन बाल और नाख़ून नहीं काटते और दाढ़ी नहीं बनाते।
  • किसी का अपमान, क्रोध और झूठ से बचें।

नवरात्रि की परंपराएँ क्षेत्र के अनुसार बहुत अलग हैं (जैसे बंगाल की दुर्गा पूजा, गुजरात का गरबा)। अपने परिवार और गुरु की परंपरा मानें। बीमार, गर्भवती और बुज़ुर्ग डॉक्टर से सलाह लें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नवरात्रि व्रत में नमक खा सकते हैं?

साधारण नमक नहीं, सेंधा नमक खाया जाता है।

क्या केवल पहले और आख़िरी दिन व्रत रख सकते हैं?

हाँ, कई भक्त प्रतिपदा और अष्टमी/नवमी को व्रत रखते हैं। संकल्प उसी के अनुसार लें।

कन्या पूजन किस दिन करें?

अष्टमी या नवमी को, परिवार की परंपरा के अनुसार। आमतौर पर 2 से 10 वर्ष की नौ कन्याओं और एक बालक को भोजन कराया जाता है।

नवरात्रि व्रत कब खोलें?

ज़्यादातर परिवार कन्या पूजन के बाद नवमी को व्रत खोलते हैं; कुछ दशमी को। अपनी परंपरा मानें।

अखंड ज्योति बुझ जाए तो क्या करें?

घबराएँ नहीं। माँ से क्षमा माँगकर उसे दोबारा जला दें।

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