सोमवार व्रत कैसे रखें: शिव पूजा, भोजन के नियम और उद्यापन

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संक्षेप में: सोमवार व्रत भगवान शिव और माता पार्वती के लिए रखा जाता है। भक्त सुबह स्नान करके शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र चढ़ाते हैं, 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करते हैं और सोमवार व्रत कथा पढ़ते हैं। दिन में फलाहार या एक समय सादा भोजन किया जाता है, अक्सर शाम की पूजा के बाद। लोग इसे हर सोमवार, सावन के सोमवारों में, या सोलह सोमवार के रूप में रखते हैं।

एक नज़र में

देवता
भगवान शिव और माता पार्वती
प्रकार
साधारण सोमवार, सावन सोमवार, सोलह सोमवार
भोजन
फलाहार या एक समय सादा भोजन
शुरुआत
सावन, या किसी शुक्ल पक्ष का पहला सोमवार (प्रचलित)

सोमवार व्रत की विधि

  1. सुबह स्नान करके साफ़ (हो सके तो सफ़ेद या हल्के रंग के) वस्त्र पहनें और व्रत का संकल्प लें।
  2. मंदिर या घर में शिवलिंग पर जल, फिर दूध और फिर जल चढ़ाएँ; बेलपत्र, धतूरा, सफ़ेद फूल और अक्षत अर्पित करें।
  3. माता पार्वती और गणेश जी की भी पूजा करें।
  4. 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करें और सोमवार व्रत कथा (या सोलह सोमवार कथा) पढ़ें-सुनें।
  5. शाम को फिर दीपक जलाकर शिव जी की आरती करें।
  6. पूजा के बाद एक बार सादा भोजन या फलाहार करें।

सोलह सोमवार और उद्यापन

सोलह सोमवार में लगातार सोलह सोमवार व्रत रखा जाता है। कई परिवारों में इस व्रत में गेहूँ के आटे, गुड़ और घी का प्रसाद (चूरमा) बनाकर तीन भाग किए जाते हैं। सत्रहवें सोमवार को उद्यापन होता है: पूजा, हवन या कथा, और ब्राह्मण या ज़रूरतमंद को भोजन और दान। उद्यापन की विधि अपने पुरोहित से पूछें।

क्या करें

  • बेलपत्र तीन पत्तों वाला और बिना कटा-फटा चढ़ाएँ।
  • मन शांत रखें और मीठा बोलें।
  • सावन में हर सोमवार मंदिर जाने की कोशिश करें, भीड़ में धैर्य रखें।

क्या न करें

  • मांस, अंडा, शराब, प्याज़-लहसुन और नशा न करें।
  • शिवलिंग पर तुलसी, केतकी का फूल और हल्दी न चढ़ाएँ (प्रचलित परंपरा)।
  • कई भक्त इस दिन नमक नहीं खाते या केवल सेंधा नमक लेते हैं; अपने परिवार का नियम मानें।
  • सेहत ठीक न हो तो कठोर व्रत न रखें।

सोमवार व्रत के नियम परिवार और क्षेत्र के अनुसार अलग हैं। अपनी परंपरा मानें। कथामंत्र किसी मनोकामना पूरी होने का वादा नहीं करता।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोमवार व्रत कब से शुरू करें?

सावन का पहला सोमवार सबसे लोकप्रिय है। कई लोग चैत्र, वैशाख, कार्तिक या मार्गशीर्ष के शुक्ल पक्ष के पहले सोमवार से शुरू करते हैं।

सोमवार व्रत में क्या खाएँ?

फल, दूध, साबूदाना, मखाना, या शाम को एक बार सादा भोजन। परिवार के अनुसार नमक के नियम अलग हैं।

क्या अविवाहित लड़कियाँ सोमवार व्रत रख सकती हैं?

हाँ, बहुत सी लड़कियाँ और लड़के भी शिव भक्ति में यह व्रत रखते हैं।

सोलह सोमवार में कोई सोमवार छूट जाए तो?

बीमारी या मजबूरी में छूटे तो आगे एक सोमवार और जोड़ लें। अपने पुरोहित से भी पूछ सकते हैं।

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