अध्याय 2 · सांख्य योग · श्रीकृष्ण कहते हैं

गीता अध्याय 2, श्लोक 11 — ज्ञानी शोक नहीं करते

श्रीभगवानुवाच। अशोच्यानन्वशोचस्त्वं प्रज्ञावादांश्च भाषसे। गतासूनगतासूंश्च नानुशोचन्ति पण्डिताः ॥

śrībhagavānuvāca | aśocyānanvaśocastvaṃ prajñāvādāṃśca bhāṣase | gatāsūnagatāsūṃśca nānuśocanti paṇḍitāḥ ||

अर्थ

तुम उनके लिए शोक कर रहे हो जो शोक के योग्य नहीं, और फिर भी ज्ञानियों जैसी बातें करते हो। सच्चे ज्ञानी न मरे हुओं का शोक करते हैं, न जीवितों का।

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