अध्याय 2 · सांख्य योग · श्रीकृष्ण कहते हैं
गीता अध्याय 2, श्लोक 23 — आत्मा को कुछ हानि नहीं
नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावकः। न चैनं क्लेदयन्त्यापो न शोषयति मारुतः ॥
nainaṃ chindanti śastrāṇi nainaṃ dahati pāvakaḥ | na cainaṃ kledayantyāpo na śoṣayati mārutaḥ ||
अर्थ
आत्मा को शस्त्र काट नहीं सकते, आग जला नहीं सकती, पानी भिगो नहीं सकता और हवा सुखा नहीं सकती।