दुर्गा बीज मंत्र — ॐ दुं दुर्गायै नमः
माँ दुर्गा के इस बीज मंत्र में 'दुं' उनका बीजाक्षर है। नवरात्र में इस मंत्र का जाप विशेष शुभ माना जाता है।
ॐ दुं दुर्गायै नमः
सर्वमंगलमांगल्ये, शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि, नारायणि नमोऽस्तु ते॥
अर्थ
मंत्र
ॐ दुं दुर्गायै नमः
'दुं' माँ दुर्गा का बीज मंत्र है जो उनकी रक्षा शक्ति और दुर्गुणों को नष्ट करने की क्षमता का प्रतीक है।
मंत्र
सर्वमंगलमांगल्ये, शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि, नारायणि नमोऽस्तु ते॥
हे सभी मंगलों में सबसे मंगलमयी, सभी कार्यों को सिद्ध करने वाली, शरण देने वाली, त्रिनेत्री गौरी — हे नारायणी, आपको नमस्कार है।
अर्थ कथामंत्र टीम ने सरल भाषा में लिखे हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दुर्गा बीज मंत्र कब जपें?
नवरात्र में, मंगलवार को और किसी संकट के समय इस मंत्र का 108 बार जाप विशेष फलदायी माना जाता है।
बीज मंत्र किसे कहते हैं?
बीज मंत्र एक शक्तिशाली एकाक्षरी या कुछ अक्षरों का मंत्र होता है जो किसी देवता की मूल शक्ति को दर्शाता है। इसे बार-बार जपने से वह शक्ति जागृत होती है।
दुर्गा जी का रंग क्या है?
माँ दुर्गा को लाल रंग प्रिय है। लाल वस्त्र, लाल फूल और लाल चुनरी उनकी पूजा में विशेष महत्व रखते हैं।