शुक्रवार व्रत: संतोषी माता और लक्ष्मी जी का व्रत कैसे करें
संक्षेप में: शुक्रवार का व्रत माँ संतोषी और माँ लक्ष्मी की कृपा के लिए रखा जाता है। इस दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें, सफेद या पीले वस्त्र पहनें और गुड़-चने का भोग लगाएं। खट्टी चीज़ें — नींबू, इमली, दही — न खाएं और न घर में आने दें। व्रत में गुड़-चना, मीठे फल और सफेद मिठाई खाई जाती है। शाम को कथा पढ़कर आरती करें।
एक नज़र में
- देवी
- संतोषी माता, माँ लक्ष्मी
- दिन
- शुक्रवार (प्रत्येक)
- भोग
- गुड़ और चना
- परहेज़
- खट्टी चीज़ें — नींबू, इमली, दही
- व्रत संख्या
- 16 शुक्रवार (पारंपरिक)
व्रत की विधि — सुबह से शाम तक
- सूर्योदय से पहले उठें, दाँत साफ़ करने से पहले पानी पिएं और फिर स्नान करें।
- सफेद या पीले स्वच्छ वस्त्र पहनें।
- संतोषी माता या लक्ष्मी जी की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं।
- गुड़ और भुने चने का भोग लगाएं — खट्टा कुछ भी नहीं।
- संतोषी माता की कथा पढ़ें या सुनें।
- शाम को आरती करें और प्रसाद वितरित करें।
- दिन में एक बार सात्विक भोजन करें — गुड़, चना, मीठे फल।
क्या नहीं करें
- खट्टी चीज़ें — नींबू, इमली, अमचूर, दही — घर में न आने दें।
- परिवार के किसी सदस्य को भी उस दिन खट्टा न खाने दें।
- प्याज़, लहसुन और माँस-मदिरा से बचें।
- व्रत में झूठ न बोलें और कलह से बचें।
16 शुक्रवार व्रत का विधान
16 शुक्रवार का व्रत मनोकामना पूर्ति के लिए रखा जाता है। इसे लगातार 16 शुक्रवार रखें।
16वें शुक्रवार को उद्यापन करें — गरीब बच्चों को गुड़-चना और 'खीर' खिलाएं।
उद्यापन बिना व्रत अधूरा माना जाता है।
व्रत की संख्या मनोकामना के अनुसार 16, 21 या आजीवन रखी जाती है। व्रत पूरा होने पर उद्यापन करें — गरीब बच्चों को गुड़-चना बाँटें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शुक्रवार को कौन सी देवी की पूजा होती है?
शुक्रवार को माँ संतोषी और माँ लक्ष्मी दोनों की पूजा की जाती है। संतोषी माता के लिए 16 शुक्रवार का व्रत और लक्ष्मी जी के लिए शुक्रवार को लक्ष्मी पूजन विशेष फलदायी माना जाता है।
शुक्रवार को खट्टा क्यों नहीं खाते?
परंपरागत मान्यता है कि शुक्रवार के व्रत में खट्टी चीज़ खाने से संतोषी माता नाराज़ होती हैं। यह व्रत की शुद्धता का हिस्सा है।
शुक्रवार व्रत में क्या खा सकते हैं?
गुड़, भुना चना, मीठे फल जैसे केला-आम, नारियल और सफेद मिठाई खाई जा सकती है। नमक से बचा जाता है।