काली चालीसा — अर्थ सहित

माँ काली शक्ति की सर्वोच्च देवी हैं। वे अज्ञान, अहंकार और भय का नाश करती हैं। तांत्रिक परंपरा में उनकी उपासना विशेष फलदायी मानी जाती है। शनिवार और अमावस्या पर उनकी पूजा और चालीसा-पाठ शुभ है।

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॥ दोहा ॥

जय काली जगदम्बिके, शक्ति रूप सुखदान। श्याम रूप अति मनोहर, करो भक्त कल्याण॥

॥ दोहा ॥

करालवदना दंष्ट्रा, मुण्डमालिनि नमो। शव पर नाचत काली, चरण में शीश धरो॥

॥ चौपाई ॥

जय जय काली कराल रूपिणी। दुष्ट-दमन दुःख-शोक हरिणी। महाकाली महामाया शक्ति। त्रिभुवन में तेरी जय-शक्ति॥

॥ चौपाई ॥

श्याम रंग तन, लाल नयन। मुंड माल गल, भीषण बदन। चार भुज में खड्ग खप्पर। शव पर नाचे काली निर्भर॥

॥ चौपाई ॥

रक्त-जिह्वा बाहर निकली। सिंह-वाहिनी महाशक्ति मिली। ब्रह्मा विष्णु शिव ध्याते। सभी देव पद पर झुकाते॥

॥ चौपाई ॥

रक्तबीज को मारा माँ ने। शुम्भ-निशुम्भ संहारा माँ ने। चण्ड-मुण्ड भी मारे काली। देव-जगत को मुक्ति दे दाली॥

॥ चौपाई ॥

धूम्रलोचन को किया नाश। शत्रुओं का किया सर्वनाश। सती साध्वी को देती शक्ति। दुःखियों को देती भक्ति-मुक्ति॥

॥ चौपाई ॥

काशी में विराजे महाकाली। कलकत्ता में शक्ति-काली। दक्षिणा काली रूप अनूठा। भक्त मनोरथ करती पूठा॥

॥ चौपाई ॥

श्मशान काली भयहारिणी। राक्षस-कुल की संहारिणी। तारा-सरस्वती शक्ति-रूपा। त्रिपुर-भैरवी महा-अनूपा॥

॥ चौपाई ॥

नवरात्रि में पूजा होती। शत्रु-पक्ष सब कमज़ोर होती। भक्त करें काली का जाप। दूर हो जाते सभी संताप॥

॥ चौपाई ॥

काली नाम जपो हर दिन। मिटे जीवन के सब दुख-दीन। शनिवार और अमावस्या पर। करो पूजा, जाओ उनके घर॥

॥ चौपाई ॥

लाल हिबिस्कस का फूल चढ़ाएं। रक्त चंदन और काजल लगाएं। नीम के पत्ते भी प्रिय उन्हें। भक्त पाएं कृपा उनकी उन्हें॥

॥ चौपाई ॥

भयभीत भक्त को देती अभय। रोगी को देती आरोग्य निर्भय। काली के चरणों में जो आए। उसके सभी कष्ट दूर हो जाएं॥

॥ चौपाई ॥

काली चालीसा नित पढ़े जो। उसे मिले मन-वांछित फल जो। घर में होगी सुख-समृद्धि। शत्रु-पक्ष से मिलेगी सिद्धि॥

॥ दोहा ॥

काली चरण नमो नमो, देहु शक्ति अपार। भक्त की रक्षा करो माँ, हरो सभी विकार॥

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

काली माता की पूजा कैसे करें?

काली माता को रात्रि में पूजना शुभ माना जाता है। लाल हिबिस्कस फूल, नीम पत्ते, रक्त चंदन और काजल चढ़ाएं। दीपक जलाएं और काली चालीसा का पाठ करें।

काली माता का मुख्य मंत्र क्या है?

काली माता का प्रमुख बीज मंत्र है 'ॐ क्रीं काल्यै नमः' और 'ॐ क्रीं क्रीं क्रीं दक्षिण कालिके क्रीं क्रीं क्रीं स्वाहा'।

काली माता के प्रसिद्ध मंदिर कहाँ हैं?

काली माता के प्रसिद्ध मंदिर हैं — कोलकाता का काली घाट मंदिर, मुंबई का महाकाली मंदिर, दिल्ली का कालकाजी मंदिर और काशी (वाराणसी) का महाकाली मंदिर।

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