दुर्गा सप्तशती

दुर्गा सप्तशती, जिसे देवी माहात्म्य भी कहते हैं, मार्कंडेय पुराण का भाग है। इसके 13 अध्यायों और लगभग सात सौ श्लोकों में माँ दुर्गा के मधु-कैटभ, महिषासुर और शुंभ-निशुंभ से संसार को बचाने की कथा है। नवरात्रि में इसका पाठ विशेष रूप से किया जाता है।

प्रथम चरित्र

  1. 1राजा सुरथ, समाधि वैश्य और मधु-कैटभपढ़ने का समय 5 मिनट

मध्यम चरित्र

  1. 2महिषासुर का आतंक और देवी का प्रकट होनापढ़ने का समय 5 मिनट
  2. 3महिषासुर का अंतपढ़ने का समय 4 मिनट
  3. 4देवताओं की स्तुति और देवी का वरदानपढ़ने का समय 4 मिनट

उत्तम चरित्र

  1. 5शुंभ-निशुंभ और दूत का संदेशपढ़ने का समय 5 मिनट
  2. 6धूम्रलोचन का अंतपढ़ने का समय 3 मिनट
  3. 7चंड-मुंड और माँ चामुंडापढ़ने का समय 4 मिनट
  4. 8रक्तबीज का अंतपढ़ने का समय 5 मिनट
  5. 9निशुंभ का अंतपढ़ने का समय 4 मिनट
  6. 10"मैं अकेली हूँ" — शुंभ का अंतपढ़ने का समय 4 मिनट
  7. 11नारायणी स्तुति और देवी के वरदानपढ़ने का समय 5 मिनट
  8. 12देवी का वचन — इस कथा की महिमापढ़ने का समय 3 मिनट
  9. 13सुरथ और समाधि को वरदानपढ़ने का समय 4 मिनट

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