श्री राम राम रामेति — राम मंत्र अर्थ सहित
यह श्लोक विष्णु सहस्रनाम के अंत में आता है, जहाँ भगवान शिव माता पार्वती को बताते हैं कि राम नाम एक हज़ार नामों के बराबर है। जो पूरा सहस्रनाम न पढ़ सके, उसके लिए यह श्लोक तीन बार बोलना परंपरा में पूरे पाठ के समान माना गया है।
श्रीराम राम रामेति रमे रामे मनोरमे। सहस्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने॥
अर्थ
पद 1
श्रीराम राम रामेति रमे रामे मनोरमे। सहस्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने॥
भगवान शिव कहते हैं: हे सुमुखी पार्वती! मैं 'राम, राम, राम' कहते हुए मन को प्रसन्न करने वाले राम में ही रमता हूँ। यह राम नाम विष्णु के हज़ार नामों के बराबर है।
अर्थ कथामंत्र टीम ने सरल भाषा में लिखे हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
श्री राम राम रामेति कितनी बार बोलें?
परंपरा के अनुसार इसे तीन बार बोला जाता है, जिसे पूरे विष्णु सहस्रनाम पाठ के समान माना गया है। जप के रूप में 108 बार भी कर सकते हैं।
यह श्लोक किस ग्रंथ से है?
यह विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र (महाभारत, अनुशासन पर्व) के अंतिम भाग में आता है। परंपरा में इसे पद्म पुराण से भी जोड़ा जाता है।
इसे कब बोलना चाहिए?
विष्णु सहस्रनाम पाठ के अंत में, रोज़ की पूजा में, रामनवमी पर, या जब पूरा पाठ करने का समय न हो।