गणेश गायत्री मंत्र — अर्थ और जप विधि

गणेश गायत्री मंत्र गायत्री छंद में गणेश जी की प्रार्थना है। इसमें उन्हें एकदंत और वक्रतुंड कहकर ध्यान किया जाता है और बुद्धि को सही दिशा देने की प्रार्थना की जाती है। पढ़ाई, नए काम और गणेश चतुर्थी पर इसका जप बहुत लोकप्रिय है।

1 मंत्र · 108 जप ≈ 12 मिनट

ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि। तन्नो दन्ती प्रचोदयात्॥

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गणेश गायत्री मंत्र कितनी बार जपें?

सामान्यतः 108 बार (एक माला)। शुरुआत में 11 या 21 बार से भी कर सकते हैं।

यह मंत्र कब जपना चाहिए?

सुबह स्नान के बाद, बुधवार को, गणेश चतुर्थी पर और पढ़ाई या नए काम से पहले।

'एकदंत' नाम क्यों पड़ा?

'एकदंत' यानी एक दाँत वाले। पुराणों में इसकी कई कथाएँ हैं — एक प्रसिद्ध कथा में परशुराम जी से युद्ध में उनका एक दाँत टूट गया था।

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