सरस्वती मंत्र — ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः

माँ सरस्वती विद्या, बुद्धि, वाणी और कलाओं की देवी हैं। परीक्षा से पहले, बसंत पंचमी पर और रोज़ सुबह इस मंत्र का जाप किया जाता है।

1 मंत्र · जाप के लिए

ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वत्यै नमः

या कुन्देन्दुतुषारहारधवला, या शुभ्रवस्त्रावृता। या वीणावरदण्डमण्डितकरा, या श्वेतपद्मासना॥ या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्, देवैः सदा पूजिता। सा मां पातु सरस्वती भगवती, निःशेषजाड्यापहा॥

108 जाप शुरू करें

इसके बाद पढ़ें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सरस्वती मंत्र का जाप कब करें?

सुबह स्नान के बाद, परीक्षा से पहले और बसंत पंचमी पर जाप विशेष फलदायी माना जाता है। 108 बार जाप करना उत्तम है।

सरस्वती मंत्र किसके लिए है?

विद्यार्थी, लेखक, कलाकार, वक्ता — जो भी विद्या, बुद्धि या वाणी में कुशलता चाहते हैं, वे इस मंत्र का जाप कर सकते हैं।

ऐं बीज मंत्र का क्या अर्थ है?

'ऐं' माँ सरस्वती का बीज मंत्र है। यह वाक् शक्ति, बुद्धि और रचनात्मकता का प्रतीक है।

इस बारे में कुछ पूछें

पढ़ने की सेटिंग

रंग

अक्षर का आकार