बगलामुखी मंत्र — ॐ ह्लीं बगलामुखी देव्यै नमः
माँ बगलामुखी दस महाविद्याओं में से एक हैं। उनका पीला रंग शुभ और विजय का प्रतीक है। मंत्र को मंगलवार और पूर्णिमा को जपा जाता है।
ॐ ह्लीं बगलामुखी देव्यै नमः
ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय। जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा॥
अर्थ
मंत्र
ॐ ह्लीं बगलामुखी देव्यै नमः
'ह्लीं' माँ बगलामुखी का बीज है जो शक्ति और नियंत्रण का प्रतीक है। यह सरल नमन मंत्र नित्य जाप के लिए उपयुक्त है।
मंत्र
ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय। जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा॥
हे बगलामुखी, सभी दुष्टों की वाणी, मुख और पैरों को स्तम्भित करें, उनकी जिह्वा को कीलित करें और उनकी बुद्धि नष्ट करें — ह्लीं ॐ स्वाहा।
अर्थ कथामंत्र टीम ने सरल भाषा में लिखे हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बगलामुखी मंत्र का जाप कैसे करें?
परंपरागत रूप से इसे पीले वस्त्र पहनकर, पीले आसन पर, पीली हल्दी की माला या स्फटिक माला से जपा जाता है। संख्या 108 या 1008 मानी जाती है।
बगलामुखी कौन हैं?
माँ बगलामुखी दस महाविद्याओं में से एक हैं। उन्हें स्तम्भन शक्ति की देवी माना जाता है — वे दुष्टों की शक्ति को रोकती हैं।
बगलामुखी जयंती कब होती है?
माँ बगलामुखी जयंती वैशाख शुक्ल अष्टमी को मनाई जाती है। इस दिन विशेष पूजा और हवन का विधान है।