ॐ क्रीं कालिकायै नमः — काली मंत्र अर्थ और जप विधि
यह माँ काली का छोटा और लोकप्रिय मंत्र है। 'क्रीं' माँ काली का बीज अक्षर माना जाता है। माँ काली को समय (काल) से भी परे, बुराई का नाश करने वाली और भक्तों की रक्षा करने वाली माँ के रूप में पूजा जाता है। काली पूजा और नवरात्रि में इसका विशेष जप होता है।
ॐ क्रीं कालिकायै नमः॥
अर्थ
मंत्र
ॐ क्रीं कालिकायै नमः॥
ॐ, क्रीं — मैं माँ कालिका को नमस्कार करता हूँ।
अर्थ कथामंत्र टीम ने सरल भाषा में लिखे हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
काली मंत्र कितनी बार जपें?
सामान्यतः 108 बार (एक माला)। परंपरा में रुद्राक्ष या काले हकीक की माला का प्रयोग किया जाता है।
इस मंत्र का जप कब करें?
काली पूजा (दिवाली की अमावस्या), नवरात्रि, मंगलवार और शनिवार को, सुबह या शाम शांत मन से।
'क्रीं' का क्या अर्थ है?
'क्रीं' माँ काली का बीज मंत्र है — एक पवित्र ध्वनि जो परंपरा में माँ की शक्ति का प्रतीक मानी जाती है। 'कालिकायै नमः' यानी माँ कालिका को नमस्कार।