ॐ सह नाववतु — शांति मंत्र अर्थ सहित

यह कृष्ण यजुर्वेद के तैत्तिरीय उपनिषद और कठ उपनिषद का शांति मंत्र है। इसे गुरु और शिष्य पढ़ाई शुरू करने से पहले साथ मिलकर बोलते हैं। इसमें प्रार्थना है कि हम दोनों की रक्षा हो, हम साथ मिलकर मेहनत करें, हमारी पढ़ाई तेजस्वी हो और हमारे बीच कभी द्वेष न हो।

1 मंत्र · लगभग 1 मिनट

ॐ सह नाववतु। सह नौ भुनक्तु। सह वीर्यं करवावहै। तेजस्वि नावधीतमस्तु मा विद्विषावहै॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ॐ सह नाववतु कब बोला जाता है?

पढ़ाई, कक्षा या स्वाध्याय शुरू करने से पहले। आजकल कई लोग भोजन से पहले भी इसे बोलते हैं।

यह मंत्र किस ग्रंथ से है?

यह तैत्तिरीय उपनिषद और कठ उपनिषद का शांति पाठ है, दोनों कृष्ण यजुर्वेद से जुड़े हैं।

इसे कितनी बार बोलें?

आमतौर पर एक बार, अंत में तीन बार 'शान्तिः' के साथ। समूह में साथ मिलकर बोलना इसकी विशेषता है।

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