गरुड़ पुराण
गरुड़ पुराण भगवान विष्णु और उनके वाहन गरुड़ के बीच का संवाद है। परंपरा से, किसी परिवार में मृत्यु होने पर 13 दिनों तक इसका पाठ सुना जाता है। हम इसके प्रेत खंड को सरल भाषा में सुना रहे हैं — शोक में डूबे परिवारों को सांत्वना और जीवन को अच्छा बनाने की सीख देने के लिए।
प्रेत खंड
- 1गरुड़ पुराण क्या है और मृत्यु के बाद क्यों पढ़ा जाता हैपढ़ने का समय 4 मिनट
- 2गरुड़ जी के प्रश्नपढ़ने का समय 4 मिनट
- 3मृत्यु के समय क्या होता हैपढ़ने का समय 5 मिनट
- 4शरीर छोड़ने के बाद आत्मापढ़ने का समय 4 मिनट
- 5दस दिन का पिंडदानपढ़ने का समय 5 मिनट
- 6ग्यारहवाँ, बारहवाँ और तेरहवाँ दिनपढ़ने का समय 4 मिनट
- 7यमलोक का मार्ग और वैतरणी नदीपढ़ने का समय 5 मिनट
- 8यमराज का दरबार और चित्रगुप्तपढ़ने का समय 4 मिनट
- 9कर्म और उसका फलपढ़ने का समय 5 मिनट
- 10वे पुण्य कर्म जो साथ जाते हैंपढ़ने का समय 4 मिनट
- 11श्राद्ध और पितरपढ़ने का समय 4 मिनट
- 12प्रेत योनि और परिवार की सहायतापढ़ने का समय 5 मिनट
- 13पुनर्जन्मपढ़ने का समय 4 मिनट
- 14मोक्ष का मार्गपढ़ने का समय 4 मिनट
- 15अच्छा जीवन कैसे जियें — गरुड़ पुराण का संदेशपढ़ने का समय 4 मिनट