रुद्र संहिता · अध्याय 10

गणेश का जन्म और हाथी का सिर

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कार्तिकेय ने तारकासुर का वध किया और देवताओं को शांति मिली। कैलास पर शिव और पार्वती का परिवार आनंद से रह रहा था।

कैलास पर नंदी, भृंगी जैसे सारे गण शिव के थे। पार्वती की सखियों जया और विजया ने कहा — देवी, आपका भी कोई अपना गण होना चाहिए जो केवल आपकी आज्ञा माने। एक दिन स्नान से पहले पार्वती ने अपने शरीर के से एक सुंदर बालक बनाया और उसमें प्राण डाल दिए।

उन्होंने बालक से कहा — तुम मेरे पुत्र हो। मैं स्नान करने जा रही हूँ, द्वार पर खड़े रहो और किसी को भीतर मत आने देना। बालक हाथ में छड़ी लेकर द्वार पर डट गया। थोड़ी देर में स्वयं शिव आए और भीतर जाने लगे।

बालक ने उन्हें रोक दिया — माता की आज्ञा है, कोई भीतर नहीं जाएगा। शिव ने अपने गणों को भेजा, पर बालक ने सबको हरा दिया। देवता भी आए, पर कोई उसे हटा न सका। अंत में घोर युद्ध के बीच शिव ने अपने त्रिशूल से बालक का सिर काट दिया।

जब पार्वती को पता चला, तो उनका दुख क्रोध में बदल गया। उन्होंने अनेक शक्तियाँ प्रकट कीं जो सृष्टि का नाश करने लगीं। नारद और देवताओं ने हाथ जोड़कर उन्हें शांत करने की कोशिश की। पार्वती बोलीं — मेरा पुत्र जीवित हो, और उसे सबमें पूजनीय माना जाए, तभी मैं शांत होऊँगी।

शिव ने गणों को उत्तर दिशा में भेजा और कहा — जो पहला प्राणी मिले, उसका सिर ले आओ। उन्हें एक दाँत वाला हाथी मिला। वह सिर बालक के धड़ पर लगाया गया और वह जीवित हो उठा। शिव ने उसे अपना पुत्र माना, सारे गणों का स्वामी बनाया — — और वरदान दिया कि हर शुभ काम में सबसे पहले उनकी पूजा होगी।

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

हे टेढ़ी सूँड वाले, विशाल शरीर वाले, करोड़ों सूर्यों के समान तेजस्वी देव, मेरे सभी कामों को सदा बिना बाधा के पूरा कीजिए।

— प्रचलित गणेश स्तुति

आज के जीवन में सीख

गणेश ने अपना वचन निभाने के लिए सबसे बड़े से भी डटकर सामना किया। कर्तव्य के प्रति ऐसी निष्ठा ही उन्हें सबसे पहले पूजनीय बनाती है।

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सभी अध्याय

  1. 1शिव पुराण क्या है?
  2. 2अनंत ज्योति स्तंभ — ब्रह्मा और विष्णु
  3. 3शिवलिंग की पूजा क्यों होती है?
  4. 4सती और दक्ष का यज्ञ
  5. 5वीरभद्र और दक्ष के यज्ञ का विनाश
  6. 6तारकासुर का वरदान और कामदेव का भस्म होना
  7. 7पार्वती की तपस्या
  8. 8शिव-पार्वती विवाह
  9. 9कार्तिकेय का जन्म और तारकासुर वध
  10. 10गणेश का जन्म और हाथी का सिर
  11. 11त्रिपुरासुर और एक बाण
  12. 12नीलकंठ — जब शिव ने विष पिया
  13. 13गंगा का अवतरण — शिव की जटा में
  14. 14मार्कंडेय और काल पर विजय
  15. 15किरात और अर्जुन
  16. 16शिव के रूप — अर्धनारीश्वर और नटराज
  17. 17शिकारी और पहली शिवरात्रि
  18. 18बारह ज्योतिर्लिंग — भाग 1
  19. 19बारह ज्योतिर्लिंग — भाग 2

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