होम › ग्रंथ › उपनिषद उपनिषद उपनिषद वेदों का अंतिम और सबसे गहरा भाग हैं, इसलिए इन्हें वेदांत भी कहते हैं। इनमें गुरु और शिष्य के प्रश्न-उत्तर हैं — मैं कौन हूँ, संसार कहाँ से आया, मृत्यु के बाद क्या होता है। यहाँ हम ग्यारह प्रमुख उपनिषदों की कथाएँ और मुख्य बातें सरल भाषा में सुना रहे हैं।
ईशावास्य उपनिषद केन उपनिषद कठ उपनिषद प्रश्न उपनिषद मुंडक उपनिषद मांडूक्य उपनिषद तैत्तिरीय उपनिषद ऐतरेय उपनिषद छांदोग्य उपनिषद बृहदारण्यक उपनिषद श्वेताश्वतर उपनिषद ईशावास्य उपनिषद 1 सब कुछ ईश्वर से भरा है पढ़ने का समय 4 मिनट केन उपनिषद 2 यक्ष और देवताओं का अहंकार पढ़ने का समय 4 मिनट कठ उपनिषद 3 नचिकेता और यमराज: तीन वरदान पढ़ने का समय 5 मिनट 4 श्रेय और प्रेय, और शरीर का रथ पढ़ने का समय 5 मिनट प्रश्न उपनिषद 5 छह जिज्ञासु, छह प्रश्न पढ़ने का समय 5 मिनट मुंडक उपनिषद 6 दो विद्याएँ, दो पक्षी और सत्यमेव जयते पढ़ने का समय 5 मिनट मांडूक्य उपनिषद 7 ॐ और चेतना की चार अवस्थाएँ पढ़ने का समय 4 मिनट तैत्तिरीय उपनिषद 8 भृगु, वरुण और पाँच कोश पढ़ने का समय 5 मिनट 9 गुरु का अंतिम उपदेश: मातृदेवो भव पढ़ने का समय 4 मिनट ऐतरेय उपनिषद 10 सृष्टि की कथा और प्रज्ञानं ब्रह्म पढ़ने का समय 4 मिनट छांदोग्य उपनिषद 11 सत्यकाम जाबाल: सच बोलने वाला बालक पढ़ने का समय 5 मिनट 12 श्वेतकेतु और 'तत्त्वमसि' पढ़ने का समय 5 मिनट बृहदारण्यक उपनिषद 13 याज्ञवल्क्य और मैत्रेयी पढ़ने का समय 5 मिनट श्वेताश्वतर उपनिषद 14 एक ही देव, सबके भीतर छिपा पढ़ने का समय 4 मिनट