मासिक व्रत · अध्याय 14
एकादशी व्रत कथा — एकादशी देवी का जन्म
अब तक की कहानी
एकादशी हर महीने दोनों पक्षों की ग्यारहवीं तिथि है, भगवान विष्णु को प्रिय। यह कथा बताती है कि एकादशी देवी कैसे प्रकट हुईं।
परंपरा से एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा होती है, अन्न विशेषकर चावल नहीं खाया जाता — कुछ लोग निर्जल, कुछ फलाहार व्रत रखते हैं। रात को भजन-कीर्तन और जागरण होता है, और अगले दिन द्वादशी को शुभ समय पर व्रत खोला जाता है, जिसे कहते हैं। यह कथा पद्म पुराण में आती है, जिसे श्रीकृष्ण ने अर्जुन को सुनाया था।
सतयुग में मुर नाम का एक भयंकर असुर था। उसने अपनी शक्ति से इंद्र और सभी देवताओं को हरा दिया और स्वर्ग से निकाल दिया। दुखी देवता भगवान शिव के पास गए। शिवजी ने कहा — तीनों लोकों के रक्षक भगवान विष्णु के पास जाइए। देवता क्षीरसागर पहुँचे और भगवान से विनती की।
भगवान विष्णु ने मुर से युद्ध किया। उन्होंने असुर की सेना को नष्ट कर दिया, पर मुर से युद्ध बहुत लंबा चला — कथा कहती है, हज़ारों वर्ष। अंत में भगवान विश्राम के लिए बदरिकाश्रम की हेमवती नाम की एक गुफा में जाकर योगनिद्रा में लेट गए।
मुर उनका पीछा करता हुआ गुफा तक आ पहुँचा। उसने सोचा — यही अवसर है, सोते हुए विष्णु को मार दूँ। जैसे ही वह आगे बढ़ा, भगवान के शरीर से एक तेजस्वी कन्या प्रकट हुई, जिसके हाथों में दिव्य अस्त्र थे। उसने मुर को युद्ध के लिए ललकारा और उसका अंत कर दिया।
भगवान जागे तो मुर को मरा देखकर चकित हुए। कन्या ने सब बताया। प्रसन्न होकर भगवान ने कहा — तुम मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को प्रकट हुई हो, इसलिए तुम्हारा नाम एकादशी होगा। जो श्रद्धा से तुम्हारा व्रत करेगा, वह मुझे प्रिय होगा। इसी दिन को उत्पन्ना एकादशी कहते हैं, और परंपरा से एकादशी व्रत यहीं से शुरू करना अच्छा माना जाता है।
आज के जीवन में सीख
एकादशी देवी भगवान के भीतर से ही प्रकट हुईं। संयम और साधना की शक्ति हमारे अंदर ही है — बस उसे जगाना होता है।
सभी अध्याय
- 1सोमवार व्रत कथा
- 2सोलह सोमवार व्रत कथा
- 3मंगलवार व्रत कथा (हनुमान जी)
- 4बुधवार व्रत कथा
- 5गुरुवार (बृहस्पतिवार) व्रत कथा
- 6शुक्रवार संतोषी माता व्रत कथा
- 7शनिवार (शनि देव) व्रत कथा
- 8रविवार (सूर्य देव) व्रत कथा
- 9सत्यनारायण कथा — पहला और दूसरा अध्याय
- 10सत्यनारायण कथा — तीसरा अध्याय
- 11सत्यनारायण कथा — चौथा और पाँचवाँ अध्याय
- 12प्रदोष व्रत कथा
- 13संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा
- 14एकादशी व्रत कथा — एकादशी देवी का जन्म
- 15पूर्णिमा व्रत कथा
- 16मकर संक्रांति की कथा
- 17महाशिवरात्रि व्रत कथा
- 18शीतला अष्टमी (बसौड़ा) व्रत कथा
- 19नवरात्रि व्रत कथा
- 20वट सावित्री व्रत कथा — सावित्री और सत्यवान
- 21निर्जला एकादशी व्रत कथा — भीमसेनी एकादशी
- 22हरियाली तीज व्रत कथा
- 23रक्षा बंधन की कथा
- 24जन्माष्टमी व्रत कथा
- 25हरतालिका तीज व्रत कथा
- 26गणेश चतुर्थी कथा — चंद्रमा और स्यमंतक मणि
- 27ऋषि पंचमी व्रत कथा
- 28करवा चौथ व्रत कथा — वीरावती की कहानी
- 29अहोई अष्टमी व्रत कथा
- 30गोवर्धन पूजा की कथा
- 31छठ पूजा की कथा
- 32देव उठनी एकादशी की कथा
- 33तुलसी विवाह की कथा — वृंदा की कहानी