त्योहार व्रत · अध्याय 30
गोवर्धन पूजा की कथा
अब तक की कहानी
दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा होती है। यह कथा श्रीमद्भागवत में है, जब बालक कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाया।
गोवर्धन पूजा कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को, दिवाली के अगले दिन होती है। परंपरा के अनुसार आँगन में गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाकर उसकी पूजा और परिक्रमा की जाती है। गायों को नहलाकर सजाया जाता है। कई तरह के पकवान बनाकर का भोग लगता है और सब मिलकर प्रसाद बाँटते हैं। ब्रज में गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा होती है।
ब्रज के ग्वाले हर साल वर्षा के देवता इंद्र के लिए बड़ा यज्ञ करते थे। बालक कृष्ण ने नंद बाबा से पूछा — 'यह पूजा किसके लिए है?' नंद ने कहा — 'इंद्र बारिश देते हैं, उसी से घास और अन्न होता है।' कृष्ण बोले — 'हमारी गायें गोवर्धन पर्वत पर चरती हैं, वही हमें घास, जल और छाया देता है। हमें गोवर्धन, गायों और ब्राह्मणों की पूजा करनी चाहिए।'
ब्रजवासियों ने कृष्ण की बात मानी और यज्ञ की सामग्री से गोवर्धन की पूजा की। यह देखकर इंद्र को बहुत क्रोध आया। उसने बादलों को आदेश दिया, और ब्रज पर मूसलाधार बारिश, आँधी और ओले बरसने लगे। लोग और पशु डर से काँपते हुए कृष्ण की शरण में आए।
कृष्ण ने मुस्कुराते हुए गोवर्धन पर्वत को अपने बाएँ हाथ की छोटी उँगली पर ऐसे उठा लिया, जैसे कोई बच्चा छतरी उठाता है। सारे ब्रजवासी अपनी गायों के साथ पर्वत के नीचे आ गए। सात दिन तक बारिश होती रही, और सात दिन कृष्ण पर्वत थामे खड़े रहे।
आख़िर इंद्र का घमंड टूटा। बारिश रुकी, सब बाहर आए और कृष्ण ने पर्वत को वापस रख दिया। इंद्र ने आकर कृष्ण से क्षमा माँगी। कामधेनु गाय ने कृष्ण का अभिषेक किया, और उन्हें 'गोविंद' नाम मिला। तभी से इस दिन गोवर्धन की पूजा होती है।
आज के जीवन में सीख
कृष्ण ने सिखाया कि जो प्रकृति हमें पालती है — पहाड़, पेड़, पानी, पशु — उसका सम्मान करो। और संकट में सब मिलकर एक छत के नीचे आ जाएँ, तो बड़ा तूफ़ान भी गुज़र जाता है।
सभी अध्याय
- 1सोमवार व्रत कथा
- 2सोलह सोमवार व्रत कथा
- 3मंगलवार व्रत कथा (हनुमान जी)
- 4बुधवार व्रत कथा
- 5गुरुवार (बृहस्पतिवार) व्रत कथा
- 6शुक्रवार संतोषी माता व्रत कथा
- 7शनिवार (शनि देव) व्रत कथा
- 8रविवार (सूर्य देव) व्रत कथा
- 9सत्यनारायण कथा — पहला और दूसरा अध्याय
- 10सत्यनारायण कथा — तीसरा अध्याय
- 11सत्यनारायण कथा — चौथा और पाँचवाँ अध्याय
- 12प्रदोष व्रत कथा
- 13संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा
- 14एकादशी व्रत कथा — एकादशी देवी का जन्म
- 15पूर्णिमा व्रत कथा
- 16मकर संक्रांति की कथा
- 17महाशिवरात्रि व्रत कथा
- 18शीतला अष्टमी (बसौड़ा) व्रत कथा
- 19नवरात्रि व्रत कथा
- 20वट सावित्री व्रत कथा — सावित्री और सत्यवान
- 21निर्जला एकादशी व्रत कथा — भीमसेनी एकादशी
- 22हरियाली तीज व्रत कथा
- 23रक्षा बंधन की कथा
- 24जन्माष्टमी व्रत कथा
- 25हरतालिका तीज व्रत कथा
- 26गणेश चतुर्थी कथा — चंद्रमा और स्यमंतक मणि
- 27ऋषि पंचमी व्रत कथा
- 28करवा चौथ व्रत कथा — वीरावती की कहानी
- 29अहोई अष्टमी व्रत कथा
- 30गोवर्धन पूजा की कथा
- 31छठ पूजा की कथा
- 32देव उठनी एकादशी की कथा
- 33तुलसी विवाह की कथा — वृंदा की कहानी