साप्ताहिक व्रत · अध्याय 8
रविवार (सूर्य देव) व्रत कथा
अब तक की कहानी
रविवार सूर्य देव का दिन है। यह कथा एक भक्त बुढ़िया और उसकी ईर्ष्यालु पड़ोसन की है।
परंपरा से रविवार का व्रत सूर्य देव के लिए रखा जाता है। भक्त सुबह स्नान करके तांबे के लोटे से सूर्य को देते हैं, लाल चंदन और लाल फूल चढ़ाते हैं, कथा सुनते हैं और सूर्यास्त से पहले एक बार बिना नमक का भोजन करते हैं।
एक गाँव में एक बुढ़िया रहती थी। हर रविवार वह सुबह उठकर पड़ोसन की गाय के गोबर से घर लीपती, भोजन बनाती, सूर्य देव को भोग लगाती और फिर ही खुद खाती। पड़ोसन को यह अच्छा नहीं लगा। एक रविवार उसने अपनी गाय घर के अंदर बाँध दी। बुढ़िया को गोबर नहीं मिला, वह घर नहीं लीप सकी, भोग नहीं बना सकी, और दिन भर भूखी रही।
रात को सूर्य देव ने उसे सपने में दर्शन दिए और उसकी निष्ठा से प्रसन्न होकर एक गाय और बछड़ा दिया। सुबह उसके आँगन में सचमुच गाय-बछड़ा बँधे थे, और कथा के अनुसार वह गाय सोने का गोबर करती थी। पड़ोसन ने यह देखा तो चुपके से सोने का गोबर उठा ले जाती और उसकी जगह अपनी गाय का गोबर रख देती। भोली बुढ़िया को कुछ पता नहीं चला।
तब सूर्य देव ने एक शाम तेज़ आँधी चलाई। बुढ़िया ने गाय को अंदर बाँध लिया, और सुबह उसने खुद देखा कि गोबर सोने का है। अब उसने गाय को अंदर ही रखना शुरू किया। जलन से भरी पड़ोसन ने अपने पति के ज़रिए राजा को खबर दी। राजा ने सिपाही भेजकर गाय को महल में मँगवा लिया। बुढ़िया रोती रही और सूर्य देव से प्रार्थना करती रही।
उसी रात महल गोबर और दुर्गंध से भर गया। राजा को सपने में सूर्य देव ने कहा कि यह गाय उस बुढ़िया की भक्ति का फल है, इसे लौटा दो। राजा ने गाय सम्मान सहित लौटाई, बुढ़िया से क्षमा माँगी और पड़ोसन को दंड दिया। फिर राजा ने पूरे राज्य में रविवार का व्रत करने की घोषणा करवाई।
आज के जीवन में सीख
ईर्ष्या दूसरों का कुछ नहीं छीन पाती, उल्टा अपने ही मन को जलाती है। अपने काम में सच्चे रहें, दूसरों की खुशी में खुश रहें।
सभी अध्याय
- 1सोमवार व्रत कथा
- 2सोलह सोमवार व्रत कथा
- 3मंगलवार व्रत कथा (हनुमान जी)
- 4बुधवार व्रत कथा
- 5गुरुवार (बृहस्पतिवार) व्रत कथा
- 6शुक्रवार संतोषी माता व्रत कथा
- 7शनिवार (शनि देव) व्रत कथा
- 8रविवार (सूर्य देव) व्रत कथा
- 9सत्यनारायण कथा — पहला और दूसरा अध्याय
- 10सत्यनारायण कथा — तीसरा अध्याय
- 11सत्यनारायण कथा — चौथा और पाँचवाँ अध्याय
- 12प्रदोष व्रत कथा
- 13संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा
- 14एकादशी व्रत कथा — एकादशी देवी का जन्म
- 15पूर्णिमा व्रत कथा
- 16मकर संक्रांति की कथा
- 17महाशिवरात्रि व्रत कथा
- 18शीतला अष्टमी (बसौड़ा) व्रत कथा
- 19नवरात्रि व्रत कथा
- 20वट सावित्री व्रत कथा — सावित्री और सत्यवान
- 21निर्जला एकादशी व्रत कथा — भीमसेनी एकादशी
- 22हरियाली तीज व्रत कथा
- 23रक्षा बंधन की कथा
- 24जन्माष्टमी व्रत कथा
- 25हरतालिका तीज व्रत कथा
- 26गणेश चतुर्थी कथा — चंद्रमा और स्यमंतक मणि
- 27ऋषि पंचमी व्रत कथा
- 28करवा चौथ व्रत कथा — वीरावती की कहानी
- 29अहोई अष्टमी व्रत कथा
- 30गोवर्धन पूजा की कथा
- 31छठ पूजा की कथा
- 32देव उठनी एकादशी की कथा
- 33तुलसी विवाह की कथा — वृंदा की कहानी