त्योहार व्रत · अध्याय 27
ऋषि पंचमी व्रत कथा
अब तक की कहानी
गणेश चतुर्थी के अगले दिन ऋषि पंचमी आती है, जब सप्तऋषियों का आभार माना जाता है।
ऋषि पंचमी भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाई जाती है। परंपरा के अनुसार इस दिन मुख्य रूप से स्त्रियाँ व्रत रखती हैं। स्नान के बाद — कश्यप, अत्रि, भरद्वाज, विश्वामित्र, गौतम, जमदग्नि और वसिष्ठ — और माता अरुंधती की पूजा होती है। कई जगह इस दिन हल से जोती ज़मीन का अन्न नहीं खाया जाता, बल्कि सादा फलाहार या बिना जुताई का अन्न लिया जाता है।
भक्त मानते हैं कि यह व्रत जाने-अनजाने में हुई भूलों के लिए क्षमा माँगने और उन ऋषियों का आभार मानने का दिन है, जिनसे हमें वेद, ज्ञान और धर्म की परंपरा मिली। इसकी प्रचलित कथा भविष्य पुराण से जुड़ी बताई जाती है।
विदर्भ देश में उत्तंक नाम के एक ब्राह्मण अपनी पत्नी सुशीला के साथ रहते थे। उनकी एक बेटी थी, जो विवाह के कुछ समय बाद विधवा होकर मायके लौट आई थी। एक दिन वह बहुत कष्ट में पड़ गई और उसका शरीर रोग से पीड़ित हो गया। माता-पिता बहुत दुखी हुए।
उत्तंक ने ध्यान लगाया और जाना कि पिछले जन्म में बेटी से कुछ धार्मिक नियमों की अनदेखी हुई थी, और उसने ऋषि पंचमी का व्रत देखकर भी उसका अनादर किया था। उन्होंने कहा कि सच्चे मन से पछतावा करके यह व्रत करने से मन और जीवन शुद्ध होता है।
बेटी ने पूरी श्रद्धा से ऋषि पंचमी का व्रत किया और सप्तऋषियों की पूजा की। कथा कहती है कि इसके बाद उसका कष्ट दूर हुआ और मन को शांति मिली। तभी से यह व्रत अपनी भूलों को स्वीकार करने और ऋषियों को याद करने के दिन के रूप में मनाया जाता है।
आज के जीवन में सीख
हर कोई भूल करता है; बड़ी बात है उसे मानना और सुधारना। और जिन गुरुओं से हमने सीखा, उनका आभार मानना कभी न भूलें।
सभी अध्याय
- 1सोमवार व्रत कथा
- 2सोलह सोमवार व्रत कथा
- 3मंगलवार व्रत कथा (हनुमान जी)
- 4बुधवार व्रत कथा
- 5गुरुवार (बृहस्पतिवार) व्रत कथा
- 6शुक्रवार संतोषी माता व्रत कथा
- 7शनिवार (शनि देव) व्रत कथा
- 8रविवार (सूर्य देव) व्रत कथा
- 9सत्यनारायण कथा — पहला और दूसरा अध्याय
- 10सत्यनारायण कथा — तीसरा अध्याय
- 11सत्यनारायण कथा — चौथा और पाँचवाँ अध्याय
- 12प्रदोष व्रत कथा
- 13संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा
- 14एकादशी व्रत कथा — एकादशी देवी का जन्म
- 15पूर्णिमा व्रत कथा
- 16मकर संक्रांति की कथा
- 17महाशिवरात्रि व्रत कथा
- 18शीतला अष्टमी (बसौड़ा) व्रत कथा
- 19नवरात्रि व्रत कथा
- 20वट सावित्री व्रत कथा — सावित्री और सत्यवान
- 21निर्जला एकादशी व्रत कथा — भीमसेनी एकादशी
- 22हरियाली तीज व्रत कथा
- 23रक्षा बंधन की कथा
- 24जन्माष्टमी व्रत कथा
- 25हरतालिका तीज व्रत कथा
- 26गणेश चतुर्थी कथा — चंद्रमा और स्यमंतक मणि
- 27ऋषि पंचमी व्रत कथा
- 28करवा चौथ व्रत कथा — वीरावती की कहानी
- 29अहोई अष्टमी व्रत कथा
- 30गोवर्धन पूजा की कथा
- 31छठ पूजा की कथा
- 32देव उठनी एकादशी की कथा
- 33तुलसी विवाह की कथा — वृंदा की कहानी