त्योहार व्रत · अध्याय 25
हरतालिका तीज व्रत कथा
अब तक की कहानी
हरतालिका तीज भादों में आती है। इसकी कथा बताती है कि पार्वती जी की सखियाँ उन्हें वन में क्यों ले गईं।
हरतालिका तीज भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को, गणेश चतुर्थी से एक दिन पहले आती है। परंपरा के अनुसार स्त्रियाँ यह व्रत प्रायः निर्जला रखती हैं। बालू या मिट्टी से शिव, पार्वती और गणेश की प्रतिमा बनाकर फूलों और पत्तों से पूजा होती है, कथा सुनी जाती है और रात में भजन-कीर्तन के साथ जागरण होता है। अगले दिन सुबह पूजा के बाद व्रत खोला जाता है।
नाम का अर्थ ही कथा बताता है — 'हरत' यानी ले जाना और 'आलिका' यानी । हिमालय राज की बेटी पार्वती बचपन से शिव को पति रूप में पाना चाहती थीं और कठोर तप कर रही थीं। पिता उनकी हालत देखकर दुखी थे।
एक दिन नारद मुनि आए और बोले कि भगवान विष्णु पार्वती से विवाह करना चाहते हैं। हिमालय राज प्रसन्न होकर मान गए। जब पार्वती को यह पता चला, वे बहुत दुखी हुईं, क्योंकि उन्होंने मन से शिव को ही चुना था। उन्होंने अपनी सखी को सारी बात बताई।
सखियाँ पार्वती को चुपके से घने वन में एक गुफा में ले गईं, ताकि उनका विवाह उनकी इच्छा के विरुद्ध न हो। वहाँ भाद्रपद शुक्ल तृतीया को पार्वती ने बालू से शिवलिंग बनाया, निर्जला उपवास रखा और पूरी रात जागकर शिव की आराधना की।
उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर शिव प्रकट हुए और उन्हें पत्नी रूप में स्वीकार करने का वचन दिया। उधर बेटी को खोजते हुए हिमालय राज वहाँ पहुँचे। पार्वती ने सब सच बताया। पिता ने बेटी की इच्छा का मान रखा, और बाद में विधि से शिव-पार्वती का विवाह हुआ।
आज के जीवन में सीख
पार्वती की सखियों ने सच्ची दोस्ती निभाई — मुश्किल में साथ दिया। और पिता ने बेटी की बात सुनी। अपनों की इच्छा का सम्मान करना भी धर्म है।
सभी अध्याय
- 1सोमवार व्रत कथा
- 2सोलह सोमवार व्रत कथा
- 3मंगलवार व्रत कथा (हनुमान जी)
- 4बुधवार व्रत कथा
- 5गुरुवार (बृहस्पतिवार) व्रत कथा
- 6शुक्रवार संतोषी माता व्रत कथा
- 7शनिवार (शनि देव) व्रत कथा
- 8रविवार (सूर्य देव) व्रत कथा
- 9सत्यनारायण कथा — पहला और दूसरा अध्याय
- 10सत्यनारायण कथा — तीसरा अध्याय
- 11सत्यनारायण कथा — चौथा और पाँचवाँ अध्याय
- 12प्रदोष व्रत कथा
- 13संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा
- 14एकादशी व्रत कथा — एकादशी देवी का जन्म
- 15पूर्णिमा व्रत कथा
- 16मकर संक्रांति की कथा
- 17महाशिवरात्रि व्रत कथा
- 18शीतला अष्टमी (बसौड़ा) व्रत कथा
- 19नवरात्रि व्रत कथा
- 20वट सावित्री व्रत कथा — सावित्री और सत्यवान
- 21निर्जला एकादशी व्रत कथा — भीमसेनी एकादशी
- 22हरियाली तीज व्रत कथा
- 23रक्षा बंधन की कथा
- 24जन्माष्टमी व्रत कथा
- 25हरतालिका तीज व्रत कथा
- 26गणेश चतुर्थी कथा — चंद्रमा और स्यमंतक मणि
- 27ऋषि पंचमी व्रत कथा
- 28करवा चौथ व्रत कथा — वीरावती की कहानी
- 29अहोई अष्टमी व्रत कथा
- 30गोवर्धन पूजा की कथा
- 31छठ पूजा की कथा
- 32देव उठनी एकादशी की कथा
- 33तुलसी विवाह की कथा — वृंदा की कहानी